मॉस्को टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ कम्युनिकेशन्स एंड इन्फार्मेटिक्स: संचार और सूचना विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान::- डॉ संत कुमार चौधरी 

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कार्यक्रम में सम्मानित हुए रूस के प्रतिनिधि
 मधुबनी
द्वितीय इंडो-रशियन एजुकेशन समिट के अंतिम दिन शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स के अध्यक्ष डॉ. संत कुमार चौधरी ने रूस के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और डेलीगेशन से शैक्षिणिक अनुबन्धता के लिए सफल चर्चा किया। साथ ही रूस के कुछ विश्विद्यालय से अनुबंध को अंतिम रूप दिएा गया।इनमें निम्नलिखित यूनिवर्सिटीज शामिल थेlकुबान स्टेट अगररियन यूनिवर्सिटी: यह रूस का प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय है, जो आधुनिक कृषि तकनीकों और अनुसंधान में अग्रणी है। सहयोग से हमारे छात्रों को उन्नत कृषि शिक्षा और रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भागीदारी का अवसर मिलेगा।मॉस्को पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी: यह विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक शिक्षा में विशेषज्ञता रखता है। साझेदारी से हमारे छात्रों को नवीनतम तकनीकी प्रयोगशालाओं और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का लाभ मिलेगा।मॉस्को टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ कम्युनिकेशन्स एंड इन्फार्मेटिक्स: संचार और सूचना विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान।
सहयोग से हमारे छात्रों को डिजिटल कम्युनिकेशन और आईटी रिसर्च में वैश्विक एक्सपोज़र  मिलेगा।नेशनल रिसर्च यूनिवर्सिटी हायर स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स: रूस का शीर्ष अर्थशास्त्र संस्थान। साझेदारी से हमारे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीतियों और रिसर्च में गहन अध्ययन का अवसर मिलेगा।रूडन यूनिवर्सिटी: यह विश्वविद्यालय बहुसांस्कृतिक शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए प्रसिद्ध है। सहयोग से हमारे छात्रों को रूसी भाषा और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान का लाभ मिलेगा।सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट अगररियन यूनिवर्सिटी:* कृषि अनुसंधान और ग्रामीण विकास में अग्रणी। साझेदारी से हमारे छात्रों को आधुनिक कृषि तकनीक और स्थायी विकास के मॉडल सीखने का अवसर मिलेगा।वोल्गा स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी: यह विश्वविद्यालय तकनीकी नवाचार और इंजीनियरिंग शिक्षा में अग्रणी है। सहयोग से हमारे छात्रों को कटिंग-एज तकनीकी ज्ञान और रिसर्च एक्सपोज़र मिलेगाl
बैठकें केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वास्तव में अत्यंत सार्थक और उद्देश्यपूर्ण साबित हुईं। इन चर्चाओं में दोनों पक्षों ने शिक्षा के क्षेत्र में गहन सहयोग की आवश्यकता को महसूस किया और इस पर सहमति बनी कि शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स तथा उपरोक्त रूसी विश्वविद्यालय बहुत जल्द ही एमओयू  पर हस्ताक्षर करेंगे। इन समझौतों का महत्व केवल दस्तावेज़ीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और रूस के बीच शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। एमओयू के माध्यम से छात्रों और फैकल्टी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त शोध, फैकल्टी एक्सचेंज, और स्टूडेंट एक्सचेंज जैसे अवसर प्राप्त होंगे। इससे न केवल शैक्षणिक कार्यक्रमों का विस्तार होगा बल्कि छात्रों को वैश्विक एक्सपोज़र और बहुसांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा।डॉ तात्याना समयेनोवा, डिप्टी मिनिस्टर ऑफ़ दा हेल्थ ऑफ़ दा रशियन फेडरेशन के साथ डॉ संत कुमार चौधरी का दुपक्षीय संबंधों को और अधिक मज़बूत करने पर गहन चर्चा हुई। 
माननिये मंत्री ने शंकरा ग्रुप द्वारा किये जा रहे कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की साथ ही रूस गणराज्य के कुछ अन्य विश्वविद्यालों से भी अनुबंध करने के लिए डॉ चौधरी को सुझाव दिए।  शंकरा ग्रुप द्वारा आयोजित अगले अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के लिए डॉ चौधरी ने निमंतरण दिया जिसे माननिये मंत्री डॉ तात्याना समयेनोवा स्वीकार करते हुए आने की स्वीकृति दी।  शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स और नयी दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के लिए यह सहयोग विशेष रूप से लाभकारी होगा क्योंकि:कृषि शिक्षा में आधुनिक तकनीकों का समावेश होगा, जिससे छात्रों को सस्टेनेबल फार्मिंग और एडवांस्ड रिसर्च का अनुभव मिलेगा।तकनीकी शिक्षा और पॉलिटेक्निक शिक्षा में कटिंग-एज प्रयोगशालाओं और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से छात्रों की दक्षता बढ़ेगी।कम्युनिकेशन्स और इन्फार्मेटिक्स के क्षेत्र में सहयोग से डिजिटल युग की मांगों के अनुरूप शिक्षा को नया आयाम मिलेगा।रूसी भाषा पाठ्यक्रम छात्रों को अंतरराष्ट्रीय रोजगार और शिक्षा के अवसरों के लिए तैयार करेगा।अर्थशास्त्र में सहयोग से छात्रों को वैश्विक आर्थिक नीतियों और रिसर्च की गहरी समझ प्राप्त होगी।
साथ ही फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम और स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम पर भी चर्चा हुई, जिन्हें क्रमिक रूप से लागू किया जाएगा।छात्रों और फैकल्टी के लिए विस्तृत लाभ
इन एमओयू से शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स और नयी दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। यह सहयोग केवल शैक्षणिक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों और फैकल्टी दोनों के लिए दीर्घकालिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र:* छात्रों को रूस के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्ययन का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें वैश्विक शिक्षा प्रणाली, आधुनिक प्रयोगशालाओं और बहुसांस्कृतिक वातावरण का अनुभव होगा। यह एक्सपोज़र उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
संयुक्त शोध: फैकल्टी को रिसर्च प्रोजेक्ट्स में सहयोग करने का मौका मिलेगा। इससे नई तकनीकों और ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, और संस्थानों की रिसर्च क्षमता मजबूत होगी। संयुक्त शोध से भारत और रूस के बीच नवाचार और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।भाषाई कौशल: रूसी भाषा पाठ्यक्रम छात्रों को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा। भाषा सीखने से न केवल सांस्कृतिक समझ बढ़ेगी बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
तकनीकी दक्षता:कम्युनिकेशन्स, इन्फार्मेटिक्स और टेक्नोलॉजी में उन्नत शिक्षा से छात्रों की स्किल्स मजबूत होंगी। कटिंग-एज प्रयोगशालाओं और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से वे इंडस्ट्री-रेडी बनेंगे।रोज़गार के अवसर:* इंडस्ट्री-रेडी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र  से छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों में बेहतर अवसर मिलेंगे। यह सहयोग उन्हें वैश्विक जॉब मार्केट में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।भारतीय ज्ञान प्रणाली का प्रसार:* इन सहयोगों से भारतीय शिक्षा और परंपरा को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी। भारतीय ज्ञान प्रणाली का प्रसार होगा और भारत की शैक्षणिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।इन एमओयू के माध्यम से शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स और नयी दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई ऊँचाई पर ले जाएंगे। यह सहयोग केवल औपचारिक समझौता नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी है जो छात्रों और फैकल्टी दोनों के लिए बहुआयामी अवसरों का द्वार खोलेगी। यह सहयोग भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लाने और भारतीय ज्ञान प्रणाली को विश्वभर में फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छात्रों को वैश्विक एक्सपोज़र, फैकल्टी को संयुक्त शोध के अवसर, और संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इससे शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स और नयी दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की शैक्षणिक क्षमता और प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।इस महा-आयोजन के लिए शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के संस्थापक अध्यक्ष डॉ संत कुमार चौधरी ने आयोजकों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किआ साथ ही इस तरह का आयोजन भविष्य में भी आयोजित करने के लिए निवेदन किआ। इसके मुख्य आयोजक रशियन साइंस एंड कल्चर सेण्टर दिल्ली की निदेशका डॉ एलेना रेमिज़वा एवं सुश्री अनस्तास्या इल्यूशिना-चीफ कोऑर्डिनेटर ऑफ युथ अफेयर्स को विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही इस दुईपक्षिय संबंधों को और अधिक प्रभावशाली बनाने पर बल दिया।

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