सोमवारी श्रावणी मेले को लेकर विधि व्यवस्था पर बैठक, मंदिर परिसर में नही लगेगा किसी प्रकार का बाजार-::जिलाधिकारी
“सोमवारी श्रावणी मेले के दौरान विधि व्यवस्था संधारण एवं इस अवसर पर सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मेला आयोजन को लेकर टीसीपी भवन बिस्फी में शांति समिति की आयोजित हुई”
“मेला क्षेत्र के सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में जिले के तेज-तर्रार दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियो की होगी प्रतिनियुक्ति”
“काफी संख्या में पुलिस बल की भी होगी तैनाती”
“सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियो ग्राफी द्वारा रखी जायेगी नजर”
“सादे लिबास में भी तैनात होगी पुलिस”
फोटो संख्या 3 बैठक करते जिलाधिकारी,
फोटो संख्या 4 स्थल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी
मधुबनी,
सोमवारी श्रावणी मेले के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण एवं इस अवसर पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में मेला आयोजन को लेकर टीसीपी भवन बिस्फी में बुधवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम शांति समिति के सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष श्रावण मास का शुभारंभ 30 जुलाई 2026 से होगा तथा श्रावणी पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवारी पर्व मनाया जाएंगे। प्रथम सोमवारी 03 अगस्त, द्वितीय सोमवारी 10 अगस्त, तृतीय सोमवारी 17 अगस्त , एवं चतुर्थ एवं अंतिम सोमवारी 24 अगस्त को मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रावणी पूर्णिमा एवं रक्षा बंधन 28 अगस्त को मनाये जाने की सूचना प्राप्त हुई है। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास जिले में धार्मिक आस्था परंपरा एवं सांस्कृतिक महत्व से जुड़ा पर्व है जिसमें विशेष कर सोमवारी को जिले के विभिन्न शिवालियों यथा उगना महादेव,बाबा कपालेश्वर महादेव आदि महत्वपूर्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ती है।उन्होंने कहा कि इस अवसर पर विधि व्यवस्था संधारण एवं आपसी सौहाद्रपूर्ण वातावरण में मेले का आयोजन को लेकर सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में तेज तर्रार दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी,साथ ही काफी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती होगी।सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियो ग्राफी द्वारा नजर रखी जाएगी। चिन्हित सभी संवेदनशील स्थलों एवं कांवरियों के गुजरने वाले मार्गों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जाएगी। सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की मंशा रखने वाले असामाजिक तत्वों पर नजर रखने एवं उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी चयनित स्थलों पर बैरिकेडिंग एवं ड्राप गेट के निर्माण का भी निर्देश दिया है।जिलाधिकारी ने कहा कि भैरवा मंदिर परिसर में किसी प्रकार का बाजार नहीं लगेगा।* *साथ ही उन्होंने वरीय पदाधिकारियों के मेला क्षेत्र का जायजा लिया एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निदेश दिए।जिलाधिकारी द्वारा सभी भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी बरते जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा अफवाहों को फैलाने के प्रयास को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि विधि व्यवस्था संधारण के लिए सभी अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाएगी। रोस्टर के हिसाब से अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा दल, विद्युत आपूर्ति, गश्ती दल आदि के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। शांति समिति के सदस्यों द्वारा बारी-बारी से अपने सुझाव दिए गए साथ ही उनके द्वारा कई महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। शांति समिति के सभी उपस्थित सदस्यों ने भी एक स्वर में पूरे सौहार्दपूर्ण वातावरण में श्रावणी पर्व मनाए जाने की बात कही।इस अवसर पर शांति समिति के माननीय सदस्य सहित अन्य वरीय अधिकारी सदस्य उपस्थित थे।
