रबी, खरीफ एवं गरमा तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें मिलेगा अधिक लाभ,:-: डीएम
जिलाधिकारी को पौधा भेंट करते कृषि पदाधिकारी
मधुबनी,
मधुबनी जिले में खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर कृषि विभाग द्वारा “शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026” के अंतर्गत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा सोमवार को नगर भवन, मधुबनी में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी, आनंद शर्मा ने कहा कि पूरा बिहार एक सोने की खान जैसा है, जिसमें विशेषकर उत्तर बिहार का क्षेत्र। बस हमें समझने की जरूरत है कि हमे कैसे छोटी-छोटी खेती को छोड़कर बड़े पैमाने पर संगठित होकर कोऑपरेटिव,एचबीओ के माध्यम से सिंगल खेती कर आगे बढ़ने की जरूरत है। छोटे स्तर पर खेती कर बड़ा मुकाम नही पाया जा सकता है। साथ ही सामाजिक स्तर पर संगठित होकर बड़े स्तर पर खेती करने पर सोचना होगा।उन्होंने कहा कि जब हम रबी, खरीफ एवं गरमा तीनों सीजन में खेती करेंगे तब हमें अधिक लाभ मिलेगा। जिला में कृषि के सिंचाई के क्षेत्र में अच्छी चीजें होने जा रही है। पश्चिमी कोशी नहर पर कार्य चल रहा है और जब यह पूर्ण हो जाएगा तब 1 लाख 61 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा बढ़ जायेगी। जिसपर तेजी से कार्य चल रहा है।उन्होंने कहा कि जिले में मखाना बोर्ड की स्थापना होने की संभावना प्रतीत हो रहा है। जिससे मखाना को और बृहत स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है। यह दुनिया के लिए औपर फ़ूड के रूप में है। इसे हमे सही मार्केट के चैनल से कनेक्ट करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे जिस प्रकार से पूर्णिया के गुलाबबाग में मंडी है, उसी प्रकार से झंझारपुर एवं जयनगर में अत्याधुनिक मंडी हो इसके लिए कार्य किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर जल्द-से-जल्द कार्य हो सके और हमारे उत्पाद को ई-ग्राम पोर्टल से जोड़ते हुए आगे बढ़ाने पर कार्य किया जायेगा।जिलाधिकारी ने कहा कि हमे धान और गेहूं की खेती से ऊपर उठकर मक्का, सरसों, फल, सब्जी की खेती से जुड़कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारियों के द्वारा भी अपने वक्तव्यों से किसानों का मार्गदर्शन किया।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उनकी परेशानियों एवं अनुभवों को साझा किया।विदित हो कि खरीफ मौसम में विभिन्न फसलों की उत्पादकता एवं उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गयी है।कार्यक्रम के दौरान जिले एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों तथा अन्य हितधारकों को खरीफ मौसम में की जाने वाली खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उनके निर्धारित लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।इस कार्यशाला के माध्यम से किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाना तथा खरीफ फसलों के उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही कृषि क्षेत्र में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता संवर्धन के साथ-साथ किसानों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, ललन चौधरी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, राजेश कुमार, जिला गव्य पदाधिकारी सहित सभी अनुमंडल/प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक सहित काफी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
