आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. श्रुति बंका को मिला राष्ट्रीय सम्मान, लोगों में हर्ष

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सम्मान प्राप्त करते 
 जयनगर 
 जिले के जयनगर नगर पंचायत की बेटी और मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. श्रुति बंका को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। 7 मार्च 2026 को मुंबई के ताज होटल में आयोजित नेशनल ईटी अवॉर्ड समारोह में उन्हें “ईस्ट इंडिया की सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ स्पेशलिस्ट” के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से नवाज़ा गया। इस उपलब्धि से जयनगर सहित पूरे मिथिलांचल क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।डॉ. श्रुति बंका जयनगर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 निवासी विश्वंभर बंका की पुत्री हैं। उन्होंने प्रजनन चिकित्सा (फर्टिलिटी ट्रीटमेंट) और आधुनिक सहायक प्रजनन तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। बांझपन के उपचार में उनके महत्वपूर्ण योगदान और हजारों दंपतियों को संतान सुख दिलाने के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।डॉ. श्रुति बंका पिछले लगभग दस वर्षों से इंदिरा आईवीएफ से जुड़ी हुई हैं और इस दौरान उन्होंने 10 हजार से अधिक आईवीएफ प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है। चिकित्सा क्षेत्र में उनके अनुभव और विशेषज्ञता के कारण उन्हें कठिन और जटिल बांझपन मामलों के इलाज के लिए भी जाना जाता है।उन्होंने उन महिलाओं को भी मातृत्व का सुख दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिन्हें कभी मासिक धर्म नहीं हुआ, जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है, समय से पहले मेनोपॉज हो चुका है या जिनकी फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हैं। इसके अलावा कम शुक्राणु संख्या (लो स्पर्म काउंट) जैसी समस्याओं से जूझ रहे पुरुषों के मामलों में भी उन्होंने सफल उपचार कर अनेक परिवारों को खुशियां दी हैं।आईवीएफ उपचार के साथ-साथ डॉ. बंका लेप्रोस्कोपी और हिस्टेरोस्कोपी जैसी आधुनिक सर्जिकल प्रक्रियाएं भी करती हैं, जो बांझपन के कारणों की सटीक पहचान और प्रभावी इलाज में काफी सहायक होती हैं। बताया जाता है कि उनके आईवीएफ उपचार की औसत सफलता दर लगभग 70 प्रतिशत है, जो इस क्षेत्र में काफी बेहतर मानी जाती है।डॉ. श्रुति बंका का विशेष प्रयास रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर दंपतियों को भी सुलभ और प्रभावी उपचार मिल सके। वह चाहती हैं कि हर परिवार माता-पिता बनने के अपने सपने को पूरा कर सके।इस अवसर पर डॉ. बंका ने कहा कि समाज में आईवीएफ को लेकर कई तरह के भ्रम और मिथक फैले हुए हैं। उनके अनुसार आईवीएफ प्रक्रिया हमेशा दर्दनाक नहीं होती, इसमें लंबा बेड रेस्ट जरूरी नहीं होता और आधुनिक तकनीकों के कारण यह उपचार अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुलभ और किफायती हो गया है।डॉ. श्रुति बंका की इस उपलब्धि पर जयनगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जयनगर की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

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