मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर और साहित्यिक गौरव को समर्पित उच्चैठ कालिदास महोत्सव ::- अरुण शंकर प्रसाद
महोत्सव को उद्घाटन करते मंत्री, विधायक, विधान पार्षद,
बेनीपट्टी
बेनीपट्टी कालिदास विद्यापति विज्ञान महाविद्यालय उच्चैठ के परिसर में दो दिवसीय उच्चैठ कालिदास महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ किया गया! जिसका उद्घाटन शाम 4 बजे पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर, बेनीपट्टी विधायक विनोद नारायण झा, हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर,उपविकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह,अपर समाहर्ता मुकेश रंजन झा, सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। उद्घाटन भाषण में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह महोत्सव महाकवि कालिदास की साहित्यिक परंपरा, मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और लोककलाओं को राष्ट्रीय फलक पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।

मंत्री ने कहा कि पर्यटन के मामले में बिहार काफी तेजी से विकास कर रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संयुक्त नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन विभाग के द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है जो देश स्तर पर अपना पहचान बनाएगी! अरुण शंकर प्रसाद ने कहा की सीतामढ़ी में पुनौरा धाम का विकास विश्व स्तर पर किए जा रहे हैं अयोध्या में राम मंदिर के बाद सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है इसी तरह मिथिला की धरती फुलहर स्थान, गिरजा स्थान उच्चैठ भगवती स्थान के अलावे कई स्थानों का विकसित करने की योजना बनाई गई है पर्यटकों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है जिस देश में पर्यटकों का बिहार आना हो और खासकर मिथिला जहां देवों की नगरी कहे जाते हैं! पर्यटन मंत्री ने बिहार के पर्यटन विभाग के द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा की और उन्होंने कहा कि आने वाला समय में पूरे बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास कराया जाएगा! एमएलसी घनश्याम ठाकुर ने उच्चैठ कालिदास महोत्सव को एक ऐतिहासिक महोत्सव कहते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए इस तरह का कार्यक्रम होना काफी महत्वपूर्ण होता है

मिथिला में देवों की नगरी है जहां पर्यटन विभाग काफी तेजी से कार्य कर रही है! बेनीपट्टी के विधायक विनोद नारायण कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कालिदास उच्चैठ के थे यह सिद्ध कर दिया गया है! उन्होंने कहा कि पिछले महोत्सव में पूरे देश के विद्वान कालिदास के जन्मस्थली को लेकर सेमिनार का आयोजन इसी स्थल पर किया गया था जिसमें प्रमाण के साथ दस्तावेज निकाल कर कालिदास के नाम से यहां भूमि है या स्पष्ट कर दिया गया भले ही देश के अन्य राज्यों में कालिदास का जन्म स्थल माना जाता हो परंतु कालिदास मिथिला के उच्चैठ निवासी हैं! विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि इस विषय को लेकर दिल्ली में एक सेमिनार का आयोजन होना चाहिए और वहां देश के सभी विद्वानों को बैठक इस पर चर्चा करना आवश्यक है!

उत्सव में हरलाखी के विधायक सुधांशु शेखर ने भी अपना विचार व्यक्त किया! उच्चैठ कालिदास महोत्सव में उपस्थित अतिथियों को मिथिला के रीति रिवाज के अनुसार सभी को पाग, दुपट्टा, फूलों के गुलदस्ता एवं महोत्सव का फोटो फ्रेमिंग चित्र अर्पित किया गया! उपस्थित अतिथियों को उप विकास आयुक्त सुमन कुमार ने अपने संबोधन के माध्यम से सभी का स्वागत किया! सत्र के समापन को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता मुकेश रंजन ने महोत्सव के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए उपस्थित अतिथियों जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को स्वागत करते हुए उपस्थित होने के लिए बधाई और शुभकामना भी दिये! उद्घाटन समारोह के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया

जिसमें मिथिला के महत्वपूर्ण कलाकारों ने अपना नृत्य गायन से लोगों को आकर्षित किया! इस कार्यक्रम के आयोजन पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के द्वारा किया गया था! बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, पुलिस अधिकारियों के द्वारा इस कार्यक्रम को सफल बनाने में एकजुट होकर देखे गए! प्रथम सत्र में मंच का संचालन ललित कुमार ने किया!सौम्या मिश्रा के मधुर गीतजगदम्ब अहीं अवलम्ब हमर , हे माय आहां बिनु आश ककर। पर श्रोताओं ने तली की गड़गड़ाहट से स्वागत किया! वही पूनम मिश्रा ने भी भजन गाकर उपस्थित दर्शकों को मन मोह लिया!
