उच्चैठ की धरती पर सजेगा संस्कृति और साहित्य का महाकुंभ
कार्यक्रम
“उच्चैठ कालीदास महोत्सव 2026 : मिथिला की गौरवशाली परंपरा का भव्य उत्सव”
“1मार्च को माननीय मंत्री करेंगे उद्घाटन, दो दिनों तक कला–संस्कृति की बहेगी अविरल धारा”
“उच्चैठ कालीदास महोत्सव 2026 — आइए, संस्कृति से जुड़ें… परंपरा को संजोएं… और मिथिला के गौरव का साक्षी बने”
मधुबनी,
मिथिला की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में 01 एवं 02 मार्च 2026 को बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत उच्चैठ स्थित कालीदास विद्यापति साइंस कॉलेज परिसर में उच्चैठ कालीदास महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर सभी प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।समारोह के संयोजक एवं बेनीपट्टी अनुमंडल की अनुमंडल पदाधिकारी सारंग मणि पाण्डेय ने जानकारी दी कि कालीदास की जन्मभूमि मानी जाने वाली उच्चैठ की पावन धरती पर आयोजित यह महोत्सव न केवल साहित्यिक चेतना का प्रतीक है, बल्कि मिथिला की लोककला, संगीत, नाट्य एवं सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का सशक्त मंच भी है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी आनंद शर्मा के मार्गदर्शन में कार्यक्रम स्थल की साज-सज्जा, मंच व्यवस्था, प्रकाश, ध्वनि, सुरक्षा, यातायात एवं दर्शकों की सुविधा से संबंधित सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।उद्घाटन सत्र 1 मार्च को महोत्सव के प्रथम दिन 4 बजे भव्य उद्घाटन सत्र का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन माननीय मंत्री, पर्यटन विभाग एवं कला-संस्कृति विभाग, बिहार सरकार श्री अरुण शंकर प्रसाद द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक पदाधिकारी, प्रबुद्धजन, साहित्यकार एवं बड़ी संख्या में कला-संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहेंगे।उद्घाटन के पश्चात लोकनृत्य, लोकसंगीत, शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा, जिसमें नामी-गिरामी कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
द्वितीय दिवस 2 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 10:00 बजे से साहित्य, संस्कृति एवं कालीदास के कृतित्व पर केंद्रित सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।अपराह्न 04:00 बजे से 05:30 बजे तक प्रसिद्ध साहित्यकारों एवं कवियों की सहभागिता के साथ कवि गोष्ठी आयोजित होगी।इसके उपरांत अपराह्न 05:30 बजे से भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मिथिला की समृद्ध लोकपरंपरा की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।
यह महोत्सव महाकवि कालीदास की अमर कृतियों के साथ-साथ मिथिला के सांस्कृतिक गौरव, लोकपरंपराओं और साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।अनुमंडल पदाधिकारी बेनीपट्टी ने जिलेवासियों, कला-साहित्य प्रेमियों, युवाओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे सपरिवार इस महोत्सव में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाएं। आपकी सहभागिता से न केवल इस सांस्कृतिक आयोजन को बल मिलेगा, बल्कि मिथिला की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान भी प्राप्त होगी।उच्चैठ कालीदास महोत्सव 2026 — आइए, संस्कृति से जुड़ें… परंपरा को संजोएं… और मिथिला के गौरव का साक्षी बनें।
