कला-संस्कृति की भव्य प्रस्तुति शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वाद्ययंत्रों की सुरमयी संध्या ने मोहा मन
मकर संक्रांति महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर एडीएम मुकेश रंजन ने किया शुभारंभ
मधुबनी
“मकर संक्रांति महोत्सव” के अवसर पर गुरुवार को मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ (मधुबनी) में कला एवं संस्कृति विभाग सह जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वाधान में मकर संक्रांति महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मिथिला की समृद्ध कला-संस्कृति को बढ़ावा देना एवं शास्त्रीय परंपराओं से जनमानस को जोड़ना रहा।आयोजन के प्रारंभ में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री नीतीश कुमार द्वारा आगत अतिथियों का पारंपरिक पाग-दोपटा से स्वागत किया गया। इसके पश्चात जिला अपर समाहर्ता, मुकेश रंजन झा, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार, पद्मश्री बौआ देवी, पद्मश्री दुलारी देवी एवं पद्मश्री शिवन पासवान द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।महोत्सव में शास्त्रीय संगीत, नृत्य एवं शास्त्रीय वाद्ययंत्रों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। स्वरागिनी फ्यूजन बैंड, ऋषिकेश मिश्रा (शास्त्रीय गायन), विवेक कुमार (सूफ़ी गायन), नृत्यार्पण कला आश्रम (कथक नृत्य) तथा शिवम् मिश्रा (ग़ज़ल) की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।तबला वादन में डॉ. चंद्रशेखर झा व धीरज मिश्रा, सितार में डॉ. रोहित कुमार झा, गिटार में सर्वोत्तम मिश्रा, पखावज जुगलबंदी में पुरुषोत्तम मिश्रा, बांसुरी में मनीष मिश्रा, ऑक्टोपैड में राहुल मनीष तथा पियानो में सोनू कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान राग यमन, अहीर भैरव, भीम पलासी, ठुमरी, जुगलबंदी, जय-जय भैरवी सहित “आज जाने की ज़िद न करो” जैसी लोकप्रिय धुनों की प्रस्तुति हुई, जिससे पूरा वातावरण संगीतमय हो उठा।* *वरिष्ठ कलाकारों एवं दर्शकों ने भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों की मांग की।कार्यक्रम में डॉ. रानी झा सहित विभागीय कर्मचारी, संस्थान के छात्र-छात्राएं एवं कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच संचालन अनुज झा ने किया, जबकि अंत में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री नीतीश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन कर महोत्सव का समापन किया।
