जेसीबी से खोदे  गये गढे के पानी में डूब कर पांच बच्चों की दर्दनाक मौत, गांव में मातमी माहौल

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 रोती बिलखती परिजन 
मधुबनी
 जिले के बिस्फी  पतौना थाना क्षेत्र अंतर्गत सौहास पंचायत के केडवार गांव में जेसीबी के द्वारा खोदे गए गढे के पानी  में डूबने से 5 बच्चों की दर्दनाक मौत बुधवार को हो  गई.!  जिसमें तीन लड़की दो लड़के शामिल है l सभी की उम्र 9 से 14 साल के बताया जा रहे हैंl. सभी छठा से लेकर नावमी कक्षा में स्थानीय विद्यालय में अध्ययन कर रही थीl. 3 बच्चे का मौत घटनास्थल पर ही  गईl. जबकि 2 अन्य बच्चे को अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में मृत्यु हो गयाl. जिसमें केरवार गांव निवासी ललित पंडित एवं रेेणु देवी देवी के पुत्री सलोनी कुमारी जो 10 साल  और 5 वी  क्लास में पढ़ती थी. वहीं छोटे पंडित व अनीता देवी के पुत्र 14 साल नवमी कक्षा में अध्ययन कर रहे थेl अभिषेक कुमार ,दिनेश पंडित व किरण देवी के पुत्र 12 वर्ष सातवीं कक्षा में अध्ययन कर रहे थेl प्रशांत कुमार,वही दिनेश पंडित व किरण देवी के पुत्री  10 साल पांचवी कक्षा में अध्ययन कर रहे थे एवं नुनूपंडित व मीीना देवी  पुञी  स्नेहा कुमारी नौ साल जो छठी कझा  मैं पढ़ती थीl सभी एक ही समाज कुम्हार जाति के एक ही परिवार से आते हैंl. इसके निधन से पूरा क्षेत्र में शोक की लहर हैl वहीं परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल हैl पूरे गांव में मातम छाया हुआ हैl शोक संवेदना प्रकट करते हुए स्थानीय विधायक आसिफ अहमद, पूर्व विधायक हरीभूषण ठाकुर  बचोल, सांसद प्रतिनिधि विष्णु देव सिंह यादव, प्रमुख रीता कुमारी. माकपा जिला मंत्री मनोज कुमार यादव .मुखिया संघ अध्यक्ष सतीश प्रसाद मेहता,  सरपंच संघ अध्यक्ष मो रहमत आलम सहित कई लोगों ने तत्काल प्रशासन से चार-चार लाख रुपया देने की मांग की हैl
घटनास्थल पर भीड़  भीड़ 
मधुबनी
प्रखंड क्षेत्र के सोहाॅस पंचायत स्थित  केरवार गांव के पश्चिमी भाग में एक चोर में जेसीबी के द्वारा खोदे गए गड्ढे में स्नान करने गए पांच बच्चे की मौत बुधवार को हो गईl इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया. घटना कि जानकारी  मिलत ही कई गांव के लोग घटना  स्थल पर पहुंच गए और लोगों की भारी भीड़ लग गई. मिली जानकारी के अनुसार एक सात से अधिक बच्चे घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक गाछी में खेल रही थी. सभी ने अचानक स्नान करने का मन बना लिया और देखते ही देखते सभी ने इस गड्ढे में पहुंच गया. जहां स्नान करने  पाॅच  बच्चे  पानी में  स्नान करने के दौरान गहरे गड्ढे में चले जाने के कारण एक के बाद एक की मौत होती चली गई. वहीं दो बच्चे किसी कारणवश स्नान नहीं कर पाए. जिससे वे ऊपर ही बैठे रह गए. इसी दौरान  एक बच्चे ने गांव में जाकर इसकी जानकारी दी और अथक प्रयास से सभी  शव को  पानी से निकल गयाl घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सारंग पाणि पांडेय,  एसडीपीओ अमित कुमार,  बीडीओ बसंत कुमार सिंह, सीओ संतोष कुमार सिंह, थाना अध्यक्ष अनुराग कुमार, मुखिया सूरज यादव, उद्गार यादव ने अपने दल बल के साथ पहुंचकर घटना की जानकारी लेते ही तत्काल बच्चों को पानी से निकलने का प्रयास प्रारंभ कर दिया. तीन बच्चे की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी जबकि दो बच्चे की मौत अनुमंडल अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही हो गया. शव को पतौना थाना अध्यक्ष अनुराग कुमार के द्वारा कब्जे में लेकर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. खोदे गए गड्ढे में डुबने से लगातार हो रही घटना से लोग आश्चर्यचकित थे. और प्रशासन पर कई सवाल कर रहे थे. लोगों का कहना था कि प्रतिदिन की तरह  ग्रामीणो के द्वारा  भैंस नहाने के लिए एवं स्नान करने के लिए लोग जाया करते थे. जबकि वहां पर कई बार घटना हो चुकी थी. लेकिन लोग बच जाते थे. समाचार लिखे जाने तक प्रशासन के द्वारा चार-चार लाख रुपया दिए जाने   कारवाई की जा रही थी.  वही पंचायत के द्वारा कबीर अंत्येष्टि के तहत मुआवजा दिया गयाl
 मृतक के सभी परिजनों को मिला चार-चार रुपए का  चेक. 
चेक प्रदान करते पदाधिकारी
मधुबनी
 प्रखंड क्षेत्र के सोहाॅस पंचायत स्थित  केरवार गांव में जेसीबी के द्वारा खोदे गए गड्ढे में स्नान करने गए पांच बच्चे की मौत के  घटना के बाद प्रशासन की तत्परता के कारण जिला पदाधिकारी के दिशा निर्देश के आलोक में एसडीएम सारंग पाणि पांडेय ने सभी पांचो बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए का चेक आपदा प्रबंधन विभाग के तहत दिया. मौके पर   बीडीओ बसंत कुमार सिंह, सीओ संतोष कुमार, नाजीर मिथिलेश कुमार कामत, अनुमंडल प्रधान लिपिक महेश पासवान,सीआई विजय यादव, थाना अध्यक्ष अनुराग कुमार एवं अविनाश कुमार ने पूरे दिन भर सभी पदाधिकारी ने घटना के बाद से लेकर शाम तक जम रहे. एवं परिजनों को  सात्वना देते रहे. इस घटना से पूरे गांव में मातम छा  हुआ है.. घटना  स्थल पर  लोगों की भारी भीड़ लगी रही. खोदे गए गड्ढे में डुबने से लगातार हो रही घटना से लोग आश्चर्यचकित थे. इससे पहले नूरचक, रथौस,बलहा,जफरा  सहित कई स्थानों पर जेसीबी से खोदे गड्ढे से कई लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन प्रशासन मुख दर्शक बना हुआ है .लेकिन जेसीबी के द्वारा खोदे जाने की घटना लगातार बढ़ती ही जा रही है. और प्रशासन पर कई सवाल लोग  कर रहे है.कर रहे थेl
जिलाधिकारी ने एसडीओ बेनीपट्टी एवं एसडीपीओ बेनीपट्टी को इस दुखद घटना की जाँच का दिया आदेश,जांचोपरांत दोषियों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने व्यक्त की गहरी संवेदना, पांच घंटे के भीतर उपलब्ध कराई गई अनुग्रह सहायता राशि 
 मधुबनी
 मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत सोहास पंचायत के केरवार ग्राम में पांच बच्चों की डूबने से हुई अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना पर जिलाधिकारी  आनंद शर्मा ने गहरा शोक एवं संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों के प्रति अपनी* *सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना पूरे जिले के लिए अत्यंत पीड़ादायक है तथा प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है।जिलाधिकारी ने एसडीओ बेनीपट्टी एवं एसडीपीओ बेनीपट्टी को इस दुखद घटना की जाँच का  आदेश दिया है,उन्होंने कहा कि जांचोपरांत दोषियों के विरुद्ध  कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृत पांचों बच्चों के निकटतम परिजनों के बीच आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के अनुसार तत्काल अनुग्रह राहत के रूप में चार -चार लाख रुपये की सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित कराया। उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी की सतत निगरानी एवं प्रशासनिक तत्परता के कारण घटना के मात्र पांच घंटे के भीतर ही सहायता राशि का भुगतान कर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं की मॉनिटरिंग, अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता (आपदा), जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, बेनीपट्टी को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राहत एवं सहायता कार्यों की लगातार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी स्वयं पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग करते रहे।गौरतलब है कि इस हादसे में कुल छह बच्चे पानी में डूब गए थे। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता एवं साहसिक प्रयास से एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसका उपचार जारी है। दुर्भाग्यवश पांच बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।प्रभावित परिवारों ने संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की गई त्वरित सहायता एवं संवेदनशील व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी ने ऐसी घटनाओं को रोकथाम के लिए की विशेष अपील
 मधुबनी
जिलाधिकारी  आनंद शर्मा ने जिले के सभी मुखियाओं, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि  डूबने की घटनाओं को रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील एवं खतरनाक जलजमाव वाले स्थलों, गहरे गड्ढों, तालाबों, पोखरों, नदी घाटों एवं अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग कराने तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है।जिलाधिकारी ने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।बरसात के मौसम में अपनाएं ये सावधानियां, बच सकती हैं अनमोल जिंदगियां वर्षा ऋतु में नदियों, तालाबों, पोखरों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी का स्तर बढ़ जाने के कारण डूबने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।  जिलाधिकारी  आनंद शर्मा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सावधानी, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से डूबने जैसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है । उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, जीविका समूहों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों से गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल राहत प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है। सभी नागरिकों के सहयोग से ही सुरक्षित एवं सजग समाज का निर्माण संभव है।

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