जनगणना उत्सव जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से मधुबनी वासियों को किया गया जागरूक::- डीएम
स्व-जनगणना अभियान में भाग लेना हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य::- डीएम
डीएम, एसपी सहित सैकड़ो अधिकारी और कर्मचारी, आम आदमी ग्रुप फोटो
शपथ दिलाते डीएम एसपी,
मधुबनी
जनगणना 2027 के अवसर पर जागरूकता उत्सव कार्यक्रम के तहत सोमवार को वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर, मधुबनी में हजारों की संख्या में महिला-पुरूषों ने जिलाधिकारी, आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक, योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में भाग लेकर जनगणना 2027 में अपनी कर्तव्यनिष्ठा एवं जवाबदेही का परिचय दिखाया। सभी महिला एवं पुरूष मतगणना 2027 मधुबनी को मानव संरचना से लिखकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त किया। इस कार्यक्रम की ड्रोन कैमरा से फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई।तत्पश्चात जिलाधिकारी, आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक, योगेंद्र कुमार के द्वारा उपस्थित लोगों से स्व-जनगणना अभियान से संबंधित शपथ “हम भारत के एक जागरूक नागरिक होने के नाते यह शपथ लेते है कि 1 गई तक चलने वाले स्वगणना प्रक्रिया में अपना स्वगणना पूर्ण करेंगे तथा सक्रिय भागीदारी निभाते हुए छूटे हुए सभी नागरिकों का भी स्वगणना प्रक्रिया में भाग लेने हेतु प्रेरित करेंगे।” “आज हम यह भी संकल्प लेते है कि नागरिक जनगणना शुरू होने पर प्रगणक द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। देश के एक जिम्मेवार नागरिक के रूप में जनगणना-2027 में अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन करते हुए देश के समग्र विकास, सुदृढिकरण एवं सशक्तीकरण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाएंगें।”जिलाधिकारी, आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक, योगेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों के द्वारा हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर मतगणना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा स्व-गणना प्रक्रिया जागरूकता उत्सव अभियान में भाग लेने के लिए सभी का धन्यवाद व्यक्त किया गया। साथ ही कहा कि जनगणना प्रक्रिया जनगणना एक्ट-1948 के तहत एक कानूनी प्रक्रिया है। यह कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ इस देश के नागरिक होने के नाते हम सभी की जिम्मेदारी और कर्तव्य है कि हम सभी 01 मई 2026 के पूर्व अपना-अपना स्व-गणना पोर्टल पर लॉगिन कर लें। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर आप अपने पंचायत एवं प्रखंड कार्यालय से संपर्क कर सकते है। वे आपकी समस्याओं का शीघ्र निष्पादन करेंगे।* *तकनीकी रूप से यह यदि कार्य करता है तो मात्र दो-से तीन मिनट में पूर्ण हो जाता है।जिलाधिकारी द्वारा इसी अवसर पर सभी शिक्षकों से अपील किया गया कि वे शैक्षणिक अवधि में किसी प्रकार से मोबाइल का इस्तेमाल रील्स देखने, सोशल मीडिया का उपयोग करने आदि में नही करेंगे। जिससे कि हमारे बच्चों का शैक्षणिक अवधि बेकार न जाय। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक अवधि के बाद मोबाइल(सोशल मीडिया एवं अन्य कार्यों के लिए) का उपयोग करने के लिए आप सभी स्वतंत्र है। शैक्षणिक अवधि में आप बेकार बैठे नही। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा सम्पूर्ण जिला में धारा-163 लागू की गई है। इसका उल्लंघन सीधे कानून का उल्लंघन माना जायेगा, और कड़ी कारवाई की जायेगी। हम सभी का उद्देश्य है कि शैक्षणिक अवधि का कैसे अधिक-से-अधिक छात्रों के पठन-पाठन में उपयोग हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के लिए एक और आदेश निर्गत किया जायेगा। जिसमें सभी उत्क्रमित विद्यालयों में जगह की कमी को देखते हुए कक्षा का संचालन दो पालियों में किया जायेगा। इन सभी विद्यालयों में संसाधनों की कमी के कारण आठवीं तक कि कक्षा का संचालन एक पाली में तथा नवमी एवं दशमी की कक्षा का संचालन दूसरी पाली में किया जायेगा।* *दोनों ही कक्षाओं के बच्चे एवं शिक्षक अपने-अपने पाली में आएंगे। इस संबंध में शीघ्र ही आदेश निर्गत किया जाएगा।उक्त अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार,नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती,अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार,जिला परिवहन पदाधिकारी,डीपीआरओ परिमल कुमार,उत्पाद अधीक्षक विजय कांत ठाकुर,जिला शिक्षा पदाधिकारी,विशेष कार्य पदाधिकारी नितेश कुमार पाठक सहित तमाम जिला स्तरीय पदाधिकारी,कर्मी एवं काफी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
