अनुपस्थित पदाधिकारी पर कार्रवाई कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं::- डीएम
लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश,
बैठक करते जिलाधिकारी
मधुबनी
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में मंगलवार को राजस्व एवं आंतरिक संसाधन की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्व वसूली एवं आंतरिक संसाधन सृजन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित बीडीओ पर कार्रवाई! बैठक में मधेपुर प्रखंड के बीडीओ के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनका एक दिन का वेतन स्थगित करने एवं स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। सीओ के प्रभार को लेकर सख्त निर्देश! जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन अंचलों के अंचलाधिकारी (सीओ) हड़ताल पर हैं, वहां संबंधित प्रखंड के बीडीओ 48 घंटे के भीतर सीओ का प्रभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। साथ ही यूजर आईडी को सक्रिय कर राजस्व संबंधी कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया।उन्होंने कार्य विभाजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि बीडीओ प्रतिदिन प्रथम सत्र में अपने कार्यालय में कार्य करेंगे तथा द्वितीय सत्र में सीओ कार्यालय में बैठकर राजस्व कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। पंचायत स्तर पर भी जिम्मेदारी तय!जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि पंचायत सचिवों को राजस्व सचिव का अतिरिक्त प्रभार देकर राजस्व कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके सफल क्रियान्वयन की पूर्ण जवाबदेही संबंधित बीडीओ की होगी। मैदानी निरीक्षण पर जोर!सभी डीसीएलआर को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन कम से कम एक हल्का का स्थल निरीक्षण करें और राजस्व संबंधित कार्यों की प्रगति का आकलन करें।साथ ही अपर समाहर्ता को निर्देश दिया गया कि ओवरऑल प्रदर्शन में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले प्रभारी सीओ से स्पष्टीकरण प्राप्त करें।राजस्व वसूली में अभियान चलाने का निर्देशआंतरिक संसाधन की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप हर हाल में समयबद्ध राजस्व वसूली सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। नगर निकायों को विशेष निर्देश!जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि वे कर एवं अन्य राजस्व संग्रहण में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करें। इसके लिए घर-घर सर्वे, बकायेदारों की सूची तैयार करने एवं वसूली अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।बैठक में उपस्थित पदाधिकारीबैठक में अपर समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी (राजस्व) मुकेश राजा झा, सभी डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
