सड़क जाम करने वालों की अब खैर नहीं, पहचान कर होगी कठोर कार्रवाई::- जिलाधिकारी
जिलाधिकारी आनंद शर्मा
मधुबनी
जिले में हाल के दिनों में विभिन्न घटनाओं के बाद सड़क जाम की बढ़ती घटनाओं को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। सड़क जाम के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, स्कूली बच्चे, परीक्षा देने जा रहे छात्र, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और दैनिक मजदूर घंटों जाम में फंसे रहते हैं। कई बार एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को रास्ता नहीं मिल पाने से जान-माल का खतरा तक उत्पन्न हो जाता है।जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सड़क जाम किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि इससे आम जनता को गंभीर असुविधा होती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ती है। उन्होंने कहा कि सड़क जाम कराने वाले उपद्रवी एवं असामाजिक* तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।प्रशासन द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों एवं सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से ऐसे तत्वों की पहचान की जा रही है। *अब तक सड़क जाम में शामिल 10 उपद्रवियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की* जा चुकी है। ऐसे लोगों को पुलिस द्वारा चरित्र प्रमाण पत्र भी निर्गत नहीं किया जाएगा तथा स्पीडी ट्रायल के माध्यम से उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी दुर्घटना, समस्या या मांग को लेकर सड़क जाम करना कानूनन अपराध है। इससे सबसे अधिक नुकसान आम जनता को ही होता है। प्रशासन जन समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके लिए शांतिपूर्ण और कानूनी रास्ता अपनाना आवश्यक है।प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी शिकायतें और मांगें संबंधित विभागों को लिखित रूप में दें, जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल हों या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें।किसी भी दुर्घटना या घटना की स्थिति में संबंधित थाना में सूचना या आवेदन दे ताकि विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई की जा सके। डायल 112नंबर पर भी सूचना दी जा सकती है,परंतु किसी भी हाल में कानून अपने हाथ में नहीं ले,और एक जिम्मेवार नागरिक होने का परिचय दे।जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा गया है कि सामाजिक सौहार्द, शांति और व्यवस्था बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
