युवा चेतना के संवाहक स्वामी विवेकानन्द थे::-डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण
मधुबनी
जे एम डी पी एल महिला महाविद्यालय में युवा सप्ताह का समापन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने किया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना और आई क्यू ए सी के द्वारा संयुक्त रुप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्य डॉ प्रोफेसर डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह तथा उपस्थित शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षकेतर कर्मी और छात्राओं द्वारा पुष्पांजलि से हुआ।सभा को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि युवा चेतना के संवाहक स्वामी विवेकानन्द थे। भौतिकता से ऊपर उठकर ही उन्नति है। ऐसा कहा जाता है कि अधिक आध्यात्मिक होने पर सांसारिक और व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती है। कंफ्यूसस के युग में कहा गया था कि पहले हम यह संसार की चिंता करें ,जब इससे छुट्टी मिले तब दूसरे लोकों की चिंता करें। जब हम विश्व इतिहास का मनन करते हैं तो पाते हैं कि जब जब किसी राष्ट्र में ऐसे लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है,तब तब किसी राष्ट्र का अभ्युदय हुआ है।सभा को डॉ निवेदिता कुमारी, डॉ श्वेता कुमारी, डॉ शक्ति कुमारी, डॉ काशी नाथ चौधरी, डॉ पुष्पलता झा, डॉ पूजा कुमारी गुप्ता, डॉ कल्पना कुमारी , डॉ अरुण कुमार मंडल,, डॉ सना परवीन, डॉ अरिन्दम कुमार, डॉ सुषमा कुमारी, छात्रा मधु कुमारी तथा रितु कुमारी ने संबोधित किया और कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का संदेश है- छात्रों को जीवन में शिक्षा और चरित्र निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।यह जीवन की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।सभा में डॉ अर्चना कुमारी, डॉ अलम , डॉ मधु कुमारी, डॉ सुभद्र झा, डॉ जाहिद अनवर , श्याम नारायण महासेठ, विकास कुमार सिंह, अशोक कुमार झा, दिलीप कुमार सिंह, प्रमोद कुमार अग्रवाल,उत्कर्ष अंकित, अमित कुमार ,पंकज कुमार के साथ सैकड़ों कर्मी और छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ अरिन्दम कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शिव कुमार पासवान ने किया।
