September 12, 2026

कार्य में शिथिलता एवं लापरवाही को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मधेपुर,फुलपरास,खजौली, कलुआही,मधवापुर,बाबूबरही,लदनिया,बासोपट्टी हरलाखी सहित  बीसीएम पंडौल से भी स्पष्टीकरण

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बैठक करते डीएम आनंद शर्मा
मधुबनी
जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति, मधुबनी आनंद शर्मा  की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक  आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सप्ताह में दो दिन अपने क्षेत्र अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों सहित निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम, का नियमित रूप से निरीक्षण करे,साथ ही निरीक्षण प्रतिवेदन सिविल सर्जन  कार्यालय में भेजे।जिलाधिकारी ने कहा कि हर हाल में संस्थागत प्रसव में वृद्धि करे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि लक्ष्य का कम से कम 50  प्रतिशत संस्थागत प्रसव होना चाहिए।जिलाधिकारी ने बीसीएम पंडौल को कार्य में शिथिलता को लेकर स्पष्टीकरण पूछने  का निर्देश दिया।उन्होंने डीसीएम को संस्थागत प्रसव का आशावार प्रखंड स्तर पर समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को आईएफए एवं कैल्शियम टेबलेट शत प्रतिशत उपलब्ध कराए जाने को लेकर एएनएम के माध्यम से से विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया।।  उन्होंने निर्देश दिया गया कि सभी बीसीएम आशावार उपलब्धि की समीक्षा करें, जिससे यह पता चल सके की आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा कहां प्रसव कराया गया। अच्छे प्रदर्शन करने वाली आशा को प्रात्साहित करने का भी निर्देश भी दिया,साथ ही वैसे आशा एवं एएनएम को चिन्हित कर कड़ी करवाई करने का निर्देश दिया,जिनके द्वारा गर्भवती महिलाओं को बिना किसी विशेष कारण से निजी नर्सिंग होम में  प्रसव हेतु भेजा गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार के विचौलियो की भूमिका  पर  कडी नजर रखने का निर्देश दिया , साथ ही चतुर्थ ए0एन0सी0 के बाद विशेष नजर बनाये रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि रोस्टर के हिसाब से कर्मी एवं डॉक्टर उपस्थित रहे इसे हर हाल में सुनिश्चित करे।स्वास्थ्य संस्थानों में दवा की उपलब्धता की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी यह देख लें कि आवश्यक मात्रा में दवा इंडेन्ट किया गया है अथवा नहीं। दवा की कमी रहने की स्थिति में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जिम्मेवार होंगे। दवा  की उपलब्धता के बावजूद किसी भी परिस्थिति में मरीज को दवा बाहर से क्रय नहीं करना पड़े,यह हर हाल में सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में कार्य में शिथिलता एवं लापरवाही को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मधेपुर,फुलपरास,खजौली, कलुआही,मधवापुर,बाबूबरही,लदनिया,बासोपट्टी हरलाखी से  स्पष्टीकरण पूछनेवका निर्देश दिया।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कार्य की सतत मॉनिटरिंग नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने उक्त निर्देश दिया।उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह निजी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ बैठक कर समीक्षा करे। उन्होंने आयुष्मान भारत की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि आयुष्मान कार्ड को लेकर प्रतिमाह 3 दिन का विशेष अभियान चलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने  कहा कि  आशा ऐप को शत प्रतिशत क्रियान्वित करते हुए सभी आशा के द्वारा सभी प्रकार के डाटा को इस ऐप पर दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बने यह सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने कहा कि जरूरतमंदों के लिअमृत के समान है आयुष्मान कार्ड। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सदर अस्पताल सहित सभी अनुमंडलीय अस्पतालों में सी सेक्शन नियमित रूप से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पूरे माह में मात्र एक सी सेक्शन करने वाले चिकित्सकों के प्रति गहरा असंतोष भी व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिया कि नियमित रूप से रोगी कल्याण समिति की बैठक करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी द्वारा स्टॉप डायरिया अभियान 2025 एवं जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा का भी समीक्षा किया और इसको लेकर उपस्थित सिविल सर्जन को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।जिलधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के उपस्थित जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीयो को निर्देश दिया कि अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर लगातार जाँच अभियान चलाते रहे साथ ही दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध त्वरित करवाई भी करे। उन्होंने कहा कि पंजीकृत नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जाँच कर यह सुनिश्चित करे कि वे विभागीय दिशा निर्देश एवं मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करे। उक्त बैठक में अपर समाहर्ता  आपदा संतोष कुमार,सिविल सर्जन मधुबनी,डॉ हरेंद्र कुमार,जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी,डीएमओ दया शंकर सिंह, डीपीएम पंकज कुमार,डीपीओ आईसीडीएस, जिला स्वास्थ्य समिति के सभी सलाहकार, सभी स्वास्थ्य अधीक्षक व उपाधीक्षक, जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों आदि उपस्थित थे।। —-

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