जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित
उर्वरकों की उपलब्धता, पारदर्शी वितरण एवं कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश
डीडीसी को पौधा देते जिला कृषि पदाधिकारी
मधुबनी,
जिला पदाधिकारी, मधुबनी के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त, मधुबनी की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष, मधुबनी में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, प्रखंडवार उप-आवंटन, वितरण व्यवस्था, निर्धारित मूल्य, भंडारण, अनुज्ञप्ति, नमूना संग्रहण, गुणवत्ता नियंत्रण तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के प्रारंभ में जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा समिति के सदस्यों को जिले में उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता, प्रखंडवार उप-आवंटन एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी गई।सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरक बिक्री पर विशेष निगरानी*सदस्य, बिहार विधान परिषद, घनश्याम ठाकुर के प्रतिनिधि द्वारा बिस्कोमान को उर्वरक बिक्री हेतु अनुज्ञप्ति प्रदान किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी मांगी गई। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा संबंधित प्रक्रिया एवं प्रावधानों की जानकारी दी गई।
उप विकास आयुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष टीम गठित कर उर्वरकों की बिक्री एवं आवागमन पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमित छापेमारी एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।डीएपी के विकल्प के रूप में उपयुक्त एनपीके के संतुलित उपयोग हेतु जागरूकता विधानसभा सदस्य विनोद नारायण झा के प्रतिनिधि द्वारा बाजार में डीएपी के विकल्प के संबंध में जानकारी मांगी गई। इस पर जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि फसल एवं मिट्टी की आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त एनपीके उर्वरकों का उपयोग डीएपी के विकल्प के रूप में किया जा सकता है। एनपीके उर्वरकों में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश जैसे आवश्यकपोषक तत्व विभिन्न अनुपातों में उपलब्ध होते हैं, जिससे फसल की आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्वों की संतुलित आपूर्ति की जा सकती है।समिति द्वारा किसानों को डीएपी के साथ-साथ अनुशंसित एनपीके उर्वरकों के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति व्यक्त की गई।उर्वरक प्रतिष्ठानों के भंडार का होगा भौतिक सत्यापन*उप विकास आयुक्त द्वारा जिले के सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों के भंडार का भौतिक सत्यापन कराने तथा उपलब्ध स्टॉक एवं अभिलेखों का नियमानुसार मिलान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रत्येक प्रखंड में फसल आच्छादन एवं वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों का प्रखंडवार उप-आवंटन किया जाता है।अधिक उर्वरक आवंटन हेतु विभाग को भेजा जाएगा पत्र
अध्यक्ष, जिला परिषद द्वारा जिले को अपेक्षाकृत कम उर्वरक आवंटन प्राप्त होने का विषय उठाया गया। इस पर समिति द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिले की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप अधिक उर्वरक आवंटन उपलब्ध कराने हेतु समिति स्तर से संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा।उर्वरक नमूनों का शत-प्रतिशत संग्रहण एवं जांचउर्वरक नमूना संग्रहण की समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत नमूना संग्रहण कर उन्हें संबंधित प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजने का निर्देश दिया गया। जांच प्रतिवेदन में गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी
समिति द्वारा किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया गया। किसानों से अपील की जाएगी कि वे फसल एवं मिट्टी की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरकों का उपयोग करें, आवश्यकता से अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें तथा अनावश्यक रूप से अतिरिक्त उर्वरक की खरीद हेतु QR कोड सृजित न करें। इससे जिले में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
बैठक में समिति के सदस्यों, कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, पारदर्शी वितरण, निर्धारित मूल्य पर बिक्री, गुणवत्ता नियंत्रण तथा किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया
