बिहार के लोग देश के कोने-कोने में शिक्षा, कृषि और विकास के कार्यों में जिस प्रकार योगदान दे रहे हैं, वह अत्यंत प्रशंसनीय है::- उपमुख्यमंत्री विजय सिंन्हा
पुस्तक देखकर सम्मानित करते
मधुबनी
एनडीआईआईटी – न्यू डेल्ही इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, जो सोसाइटी फॉर कंप्यूटर एजुकेशन एंड मैनेजमेंट स्टडीज़ एवं एस.के.चौधरी एजुकेशनल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संचालित है, में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिंन्हा को संस्था की ओर से शुक्रवार को भव्य स्वागत किया गया! ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. संत कुमार चौधरी, न्यासी डॉ. राहुल चौधरी एवं अरविन्द कुमार चौधरी ने उनका आभार व्यक्त किया और भव्य स्वागत किया।

मधुबनी की मिथिला परंपरा के अनुसार उन्हें पाग, दुपट्टा एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर संस्थान के अध्यक्ष, न्यासीगण, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उनका हार्दिक अभिनंदन किया। उप-मुख्यमंत्री ने प्रबंधन, शिक्षकों एवं छात्रों से संवाद किया और संस्थान की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों एवं संकाय के साथ सार्थक वार्तालाप किया तथा संस्थान की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग देश के कोने-कोने में शिक्षा, कृषि और विकास के कार्यों में जिस प्रकार योगदान दे रहे हैं, वह अत्यंत प्रशंसनीय है।

उन्होंने एस.के. चौधरी एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संत कुमार चौधरी* को शुभकामनाएँ दीं और ट्रस्ट द्वारा देश के *सात राज्यों में संचालित 51 संस्थानों की कृषि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र* में सेवाओं की सराहना की। बिहार के मधुबनी ज़िले में एस.के. चौधरी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं श्री कांची कामकोटी पीठम सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित शंकर नेत्रालय, कृषि विज्ञान केंद्र, वेदमती भावनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन सहित अन्य संस्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये सभी संस्थान एवं अस्पताल किसानों, महिला किसानों, युवाओं एवं अन्य वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स देश के सुप्रसिद्ध संस्थानों में से एक बन चुका है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त है और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रहा है। उप-मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ऐसे संस्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के संस्थान देश की सेवा में समर्पित रहेंगे तो भारत 2047 से पूर्व ही विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आ जाएगा।उन्होंने शिक्षा को समाज की जननी बताते हुए कहा कि शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स एवं एनडीआईआईटी द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में जो सुधार किया जा रहा है, वह निश्चित ही देश की प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।संस्थान द्वारा मधुबनी में आयोजित कृषि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य महोत्सव में पूर्व में आने की स्वीकृति देने के बावजूद सरकारी कार्यभार के कारण वे उपस्थित नहीं हो पाए थे। उन्होंने 2027 में आयोजित होने वाले महोत्सव में आने का आश्वासन दिया तथा जयपुर में शंकरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा आयोजित ग्लोबल हैकथॉन सह नेशनल लेवल यूथ फेस्ट में भी मार्च 2027 में सम्मिलित होने की स्वीकृति प्रदान की।
