संगठन में अब मनोनयन नहीं लोकतांत्रिक पारदर्शी चुनावों से बनेंगे अध्यक्ष:- ईo आशुतोष झा
कार्यक्रम में उपस्थित
मधुबनी
राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, परशुराम सेवा संस्थान बिहार में लगातार सक्रीयता करने वालों के साथ बैठक में ही पदाधिकारियों का चयन होता रहा है।।अब सदस्यता अभियान प्रारंभ किया जा रहा है और सदस्यों द्वारा ही लोकतांत्रिक पद्धति से गांवों में अध्यक्ष, युवा अध्यक्ष और महिला अध्यक्ष का चुनाव किया जायेगा। उसी चुनावी आम सभा से प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर कार्यकारिणी सदस्यों का भी चुनाव कराया जाएगा जो उसी सूची से आपस में प्रखंड अध्यक्ष, अनुमंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, परशुराम सेवा संस्थान के 20 वीं स्थापना दिवस 21 जून 2026 रविवार को भव्यता के साथ मनाया जाएगा और उसके बाद पूरे बिहार में यह नियम लागू किया जाएगा।। तत्काल दरभंगा प्रमंडल में सर्वप्रथम पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है , सदस्यता अभियान अक्षय तृतीया भगवान परशुराम जयंती से प्रारंभ होगा। उसके लिए संयोजन समिति संयोजक सह संयोजक सदस्यता प्रभारी सर्वेक्षण प्रभारी संगठन प्रभारी पांच पदों पर तात्कालिक मनोनयन किया जा रहा है, यही पांच पदाधिकारी सदस्यता, सर्वेक्षण और चुनाव संपन्न कराएंगे, चुनाव के बाद एक एक चुनाव प्रभारी सदस्यता प्रमाणित होने पर मनोनीत किया जाएगा
प्रदेश अध्यक्ष सह राष्ट्रीय संयोजक ईo आशुतोष कुमार झा संतोष ने बताया कि 20 वर्षों तक लगातार सक्रीयता बनाए रखने और अपने समाज की मजबूती से आवाज उठाने के कारण यह संगठन बिहार झारखंड में सबसे बड़ी ब्राह्मणों की संगठन बन गई है और इसे सर्वत्र व्याप्त चरितार्थ करने के लिए एक एक ब्राह्मण घर परिवार को अनिवार्य सदस्यता अभियान में सम्मिलित किया जाना चाहिए, उसकी कार्ययोजना तैयार कर ऐसा निर्णय लिया गया है।।
जिला अध्यक्ष का चुनाव पूरे बिहार झारखंड में हो जाने पर प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।। यह संगठन इतनी प्रायोगिक व्यवहारिक है कि संगठन का बिहार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव स्थापना के 6,7 वर्षों बाद चुनाव से किया गया था, जब 25 जिलों में संगठन सक्रियता से कार्यरत हो गया था और राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव अब 20 वर्ष बीत जाने पर कराया जाएगा।। जब तक आधे से अधिक प्रदेशों में संगठन संस्थान का विस्तार नहीं किया गया तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे बना सकते थे।ऐसा लोकतांत्रिक बुद्धिजीविता वाला कोई भी संगठन नहीं बना है भारत देश भर में, हमलोग सदैव सत्य सच्चाई वास्तविकता सामने रखकर ही समाज हितसाधकों संगठनप्रेमियों द्वारा दिए गए सुझावों पर काम करते रहे हैं और इसीलिए विश्वसनीयता बनी हुई है।।अब आगे इसे जमीनी स्तर पर एक एक ब्राह्मणों का ब्राह्मणों द्वारा ब्राह्मणों के लिए संगठन प्रस्थापित करने वाली व्यवस्था सुनिश्चित करना है।।
इस बार परशुराम जयंती तो स्थानीय ब्राह्मणों द्वारा मनाया ही जाएगा, प्रमुख कार्यक्रम प्रादेशिक स्तर का दरभंगा जिला बिरौल अनुमंडल में पोखराम गांव में पूरे भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया है।
20 वीं स्थापना दिवस पर दो दिवसीय सम्मेलन कार्यक्रम 21 और 22 जून को दरभंगा जिला लहेरियासराय में मनाया जाएगा।
