जे एम डी पी एल महिला महाविद्यालय में 12 से 18 जनवरी तक युवा सप्ताह
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं
मधुबनी
मोहन झा
स्थानीय जे एम डी पी एल महिला महाविद्यालय में दिनांक 12 जनवरी से 18 जनवरी तक युवा सप्ताह मनाया जा रहा है।आज निबंध और भाषण प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वामी विवेकानन्द जी के चित्र प पुष्पांजलि से हुआ। प्रधानाचार्य प्रो डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह, सिंडिकेट सदस्य डॉ अमर कुमार उपस्थित शिक्षकों, शिक्षिकाओं और उपस्थित छात्राओं ने पुष्पांजलि अर्पित किया। निबन्ध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जूही कुमारी और निधि कुमारी झा, द्वितीय स्थान पर अंजलि कुमारी और शिवानी कुमारी ,तथा तृतीय स्थान पर रागिनी कुमारी, सायरा प्रवीण, प्रीति कुमारी रही । भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर चांदनी खातून, द्वितीय स्थान पर नीतू प्रिया, प्रीति कुमारी राजपूत, तृतीय स्थान पर काजल कुमारी रही। निबंध और भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार वितरण प्रधानाचार्य डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह तथा सिंडिकेट सदस्य डॉ अमर कुमार ने किया।उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि संगति छात्रों को ऊंचा उठा सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है। भारतीय दर्शन को एक विलग चिंतन का उल्लेखनीय अवदान स्वामी विवेकानन्द से मिलता है। स्वामी विवेकानन्द संस्कृति बोध और सौंदर्य बोध जीवन दृष्टि के विचारक के रूप में जाने जाते हैं।सभा को संबोधित करते हुए डॉ निवेदिता कुमारी, डॉ पूजा कुमारी गुप्ता, डॉ पुष्पलता झा, डॉ अरुण कुमार मंडल ने छात्राओं को आह्वान किया कि स्वामी विवेकानंद जी दर्शन उन्हें सफलता तक ले जाएगा।कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना और आई क्यू ए सी द्वारा किया गया। सभा में डॉ श्वेता कुमारी, डॉ अर्चना कुमारी, डॉ निभा झा, डॉ शक्ति कुमारी, डॉ ममता कुमारी, डॉ कुमारी अनुराधा , डॉ सुभद्र झा, डॉ शिव कुमार पासवान, डॉ कल्पना कुमारी, डॉ शिखा कुमारी, डॉ ममता कुमारी, डॉ मोहम्मद आलम, डॉ सुषमा कुमारी, डॉ लॉ कुमार सिंह ,डॉ फैज, श्याम नारायण महासेठ, अशोक कुमार झा, विकास कुमार सिंह, उत्कर्ष अंकित विनय भूषण पंजीयार, प्रमोद कुमार अग्रवाल ,शाहीन के साथ कई कर्मी और छात्राएं उपस्थित थे।अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने किया तथा संचालन डॉ अरिन्दम कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ श्वेता कुमारी ने किया।
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