मैथ प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, 300 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
कार्यक्रम का उद्घाटन करते निदेशक
प्रतिभाशाली बच्चे
बेनीपट्टी
नॉलेज डेवलपमेंट किंडरगार्टन एकेडमी, बेनीपट्टी में विद्यार्थियों की गणितीय प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भव्य मैथ प्रोजेक्ट डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर गणित के विभिन्न सिद्धांतों को आकर्षक मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के निदेशक दिलीप कुमार झा, प्राचार्य मिथिलेश झा तथा शिक्षक सुमित सर, आयुष सर, ध्रुव सर, अजित सर एवं शिक्षिका मनीषा मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसमें कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने गणित को केवल किताबी विषय न मानकर दैनिक जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। कक्षा नौवीं के छात्र नितिन झा ने बेसिक मैथ मॉडल, दीपा पंजियार ने मैथमेटिक्स इन आवर डेली लाइफ, नंदनी झा ने ज्योमेट्री पार्क, प्रियंका कुमारी ने पाइथागोरस थ्योरम मॉडल तथा दीपांशु कुमार ने मैथ क्लॉक प्रस्तुत किया।

वहीं कर्णा कुमारी ने ज्योमेट्रिक सिटी, सोनाली कुमारी ने 3D शेप्स, अभिलाषा कुमारी ने मैथ पार्क, विवेक कुमार ने मैथ थिंक, कैलकुलेट एंड क्रिएट तथा गोपाल कुमार ने मैथमेटिकल शेप्स के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अन्य विद्यार्थियों ने भी कई ज्ञानवर्धक एवं आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए।प्रोजेक्ट का मूल्यांकन विद्यालय के शिक्षक समूह ने निष्पक्षता के साथ किया। मॉडलों की नवीनता, विषय की समझ, रचनात्मकता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर विद्यार्थियों का आकलन किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक कक्षा से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। वहीं सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित करने की घोषणा की गई।इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक दिलीप कुमार झा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में गणित के प्रति रुचि, आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करते हैं। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि करके सीखने की पद्धति बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय ने यह संदेश दिया कि गणित केवल अंकों का विषय नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं को समझने, समाधान खोजने और नई कल्पनाओं को साकार करने का प्रभावी माध्यम भी है।
