12 मई से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में बनेगी किसानों की फार्मर आईडी::- डीएम
जानकारी देते जिलाधिकारी
मधुबनी,
एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत मधुबनी जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान को पुनः मिशन मोड में संचालित किये जाने को लेकर जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा किसानों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से सोमवार को सभी 21 प्रखंडों के लिए समाहरणालय परिसर में एग्री स्टैक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।*यह जागरूकता रथ मधुबनी जिले के सभी अनुमंडलों में जाकर लोगो को फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक करेगा। सभी अनुमंडल क्षेत्र के लिए एक-एक जागरूकता रथ को रवाना किया गया।विदित हो कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत मधुबनी जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान को पुनः मिशन मोड में संचालित किया जाएगा*। 12 मई से 30 जून 2026 तक अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी मिशन मोड में 12 मई से 30 जून 2026 तक शत-प्रतिशत किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें। सभी कर्मी एवं पदाधिकारी परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाते हुए अपने-अपने क्षेत्र में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें, ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक इस अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है तथा किसी भी तकनीकी अथवा प्रक्रियागत समस्या के समाधान के लिए त्वरित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। अब तक लगभग 1,74,853 किसानों का फार्मर आईडी बन चुका है। कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयास से अभियान को काफी गति मिलेगी। एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा। अब तक कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से जिले के 1,74,853 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है।फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया में सर्वप्रथम कृषि विभाग के कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक के माध्यम से किसानों का ई-केवाईसी किया जाता है। इसके पश्चात राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकृत कर्मियों द्वारा किसानों के नाम से जमाबंदी प्रविष्टि की जाती है, जिसके बाद किसानों को फार्मर आईडी उपलब्ध हो जाती है।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सुमन प्रसाद साह, अपर समाहर्ता, मुकेश रंजन, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
